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Jab Tum Hindi shayari Sangrah, Love shayari

जब तुम आंखों में आंखें डालकर बात करती हो मन चाहता है वक्त यूं ही गुजरता रहे उम्र भर के लिए मेरे करीब आ जाओ इरादा है हर लम्हा यूं ही प्यार मिलता रहे तुम्हें वादों से मुकरने नहीं दूंगा कभी बेवफा होकर निकलने नहीं दूंगा दिल लगाने से पहले थोड़ा और सोच लो हमसफर बनकर उम्र भर साथ चलना पड़ेगा बंद किस्मत का दरवाजा खुल जाएगा अगर आपका साथ मिल जाएगा मैं सफलता के शिखर पर पहुंच जाऊंगा जिंदगी में कोई कमी न रह जाएगा इशारों इशारों में सब हो गया है सच कह रहा हूं मुझे लव हो गया है उसके ख्वाबों ख्यालों में खोया रहता हूं अब मुकद्दर बदलने का वक्त हो गया है

बेपरवाह मोहब्बत-शायरी संग्रह (shayari Sangrah)

उसकी बेपरवाह मोहब्बत ने मेरे चाहतों की कश्ती कश्ती डूबा दिया सच कह रहा हूं ख्याल इस तरह रखा कोई कमी नहीं छोड़ा बेवफा होने का कारण समझ नहीं आया अपनी बर्बादी में घुट घुट के जिए जा रहा हूं SHAYARI SANGRAH 1. Shayari sangrah 2.  हिंदी शायरी 3.  हिंदी शायरी   4.  हिंदी मजेदार - शायरी संग्रह   5.  कविता   6.  नई शायरी   7.  मजेदार - शायरी संग्रह   8.  मनोज कुमार   9.  रस भरी शायरी   10.  मोहब्बत भरी - शायरी संग्रह   11.  विशाल शायरी संग्रह   12.  शायरी - मस्ती   13.  शायरी का जलवा   14.  शायरी का तड़का   15.  शायरी डायरी   16.  शायरी संग्रह मनोज कुमार गोरखपुर   17.  शायरी मनोज कुमार गोरखपुर   18.  शायरी मनोरंजन   19.  शायरी मनोरंजन   20.  शायरी-SHAYARI   21.  शायरी-दिल के जज्बात   22.  हिंदी नई शायरी   23.  हिंदी मसाला - शायरी संग्रह   24.  हिंदी शायरी   25.  ह...

Shayari sangrah

अब दूर रहना मुमकिन नहीं होगा हर वक्त ख्वाबों खयालों में रहने लगी हो आजकल मेरी धड़कन कह रही है तुम्हारे प्यार के बगैर जीना गवारा नहीं होगा ख्वाहिशों की तरह प्यार मिलने लगा है कोई कमी महसूस नहीं होती है खुशनसीब हूं जो बेतहाशा प्यार करती हो तन्हा सी जिंदगी जन्नत बना दिया जबसे प्यार मिलने लगा है खुशियों की महफिल सजने लगी है सभी मुश्किलें खत्म हो गई है जिंदगी सवरने लगी है मैंने बहुत इंतजार किया है तुम मेरे इरादों को समझ जाओगी दिल की हर तमन्ना पूरी हो जाएगी जब हमसफर बन जाओगी आजकल इशारों में प्यार का इजहार होने लगा है मन के ख्वाहिशों का काम होने लगा है सब फिक्र छोड़कर, उसके इश्क में जीने लगा हूं Hindi shayari 1.  शायरी संग्रह मनोज कुमार गोरखपुर  2.  Shayari sangrah 3.  शायरी मनोरंजन  4.  Shayari sangrah  5.  shayari 6.  shayari manoj kumar gorakhpur  7.  Shayari 8.  शायरी मनोज कुमार गोरखपुर  9.  MAST SHAYARI 10.  शायरी संग्रह  11.  हिंदी विशाल शायरी संग्रह  12.  कविता 13.  SHAYARI INDIA ...

मेरे सिवा किसी और से प्यार करने लगोगी

मेरे सिवा किसी और से प्यार करने लगोगी मैं बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगा कैसे समझाऊं तुम जान हो मेरी यह सच कह रहा हूं जिंदा ना रह पाऊंगा

न जाने क्यों मुझसे नफरत करने लगी है

न जाने क्यों मुझसे नफरत करने लगी है उसकी तीखी बात को सुनकर निराश हो जाता हूं आजकल उसके बदले हुए रूप को देखता हूं भरोसा नहीं होता उसको क्या हो गया है

मैं चढ़ता रहा मोहब्बत की सीढ़ियों से

मैं चढ़ता रहा मोहब्बत की सीढ़ियों से मंजिल कितनी दूर है आज तक समझ नहीं पाया वह इशारे कर के बुलाती  रही यूं ही चलते चलते वर्षों गुजर गया मंजिल कितनी दूर है आज तक समझ नहीं पाया

मेरे दिल के चप्पे-चप्पे पर रहता है

मेरे दिल के चप्पे-चप्पे पर रहता है उनका पहरा कभी बिगड़ना चाहूं तो उनके डर से मैं लौट जाता हूं क्या बतलाए यार अपने घर की रूखी सूखी खाते है