मैं चढ़ता रहा मोहब्बत की सीढ़ियों से फ़रवरी 12, 2019 मैं चढ़ता रहा मोहब्बत की सीढ़ियों से मंजिल कितनी दूर है आज तक समझ नहीं पाया वह इशारे कर के बुलाती रही यूं ही चलते चलते वर्षों गुजर गया मंजिल कितनी दूर है आज तक समझ नहीं पाया शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप