मेरे दिल के चप्पे-चप्पे पर रहता है फ़रवरी 11, 2019 मेरे दिल के चप्पे-चप्पे पर रहता है उनका पहरा कभी बिगड़ना चाहूं तो उनके डर से मैं लौट जाता हूं क्या बतलाए यार अपने घर की रूखी सूखी खाते है शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप